Monday, November 21, 2011

रात और चाँदनी...



मैंने कहा रात से “तुम कितनी भयानक हो|
लोगों को हमेशा डराती हो”|
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तो उसने हँस कर जवाब दिया...
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“इसी डर से तो चाँदनी कि एहमियत का एहसास होता है|
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और डर को पार कर के प्यार का खूबसूरत एहसास होता है|
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 दुनिया में खूबसूरती को एक प्यारा मुकाम मिले|
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चाहे उसके लिए लोग हमें कितना भी बदनाम करें|”
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ये है रात का चांदनी से प्यार,
जिसके लिए वो तैयार है होने को बदनाम|


By
chandan

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