Tuesday, February 15, 2011

प्यार और मुश्किलें...

तूफानों के डर से, 
दरिया पार करना कैसे छोड़ दे?

दिल टूटने के डर से,
प्यार करना कैसे छोड़ दे?

प्यार लुटाने की चीज़ है,
उसे लुटाना कैसे छोड़ दे?

कोई हाथ न छोड़ दे,
इस डर से हाथ पकडना कैसे छोड़ दे?

दुनिया में कोई तो होगा ऐसा,
जो थामे रखेगा हाथ हमेशा.

यूँ तुम प्यार को ना समझो धोखा,
इसी प्यार ने तो दुनिया को है बांधे रखा.

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