इस दिल का क्या करे?
इस पर अपना कोई बस ही नहीं.
पता नहीं किसको ये ढूँढता है?
अक्सर ये उदास रहता है.
पूछो तो कुछ बताता भी नहीं.
अपने साथ साथ हमें भी परेशान करता है.
कभी इसकी खुशियों की सीमा नहीं होती,
तो कभी गम का भी पार नहीं मिलता.
हर समय बेचैन सा रहता है.
कभी खुशियों के बीच गम ढूँढ लेता है,
तो कभी गम में खुशियाँ ढूँढता है.
इस दिल का क्या करे?
इस पर अपना कोई बस ही नहीं.
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