इन रास्तों का ही तो सहारा है;
तुम्हे अपने पास बुलाना है.
अपना तो ये हाल है;
आँखों की रौशनी से रस्ता भी परेशान है.
तुम्हे अपने पास बुलाना है.
अपना तो ये हाल है;
आँखों की रौशनी से रस्ता भी परेशान है.
समुन्दर की रेती से घर ना बनाओ;
बनाओ तो फिर समुन्दर से दूर बनाओ.
समुन्दर का तो वो प्यार है रेती से;
की रेती भी कुर्बान है समुन्दर पे.
कहते हैं लोग,मिल के रहो अच्छा लगता है.
दूसरों से रिश्ता बड़ा प्यारा होता है.
पर रिश्ते इतना उलझाते है;
लगता है सबसे बढ़िया अपना सूनापन होता है.
कभी-कभी आंसू ही सूनेपन का सहारा होते है.
किसी की याद में तड़प का इशारा होते है.
आंसुओं को इतना कमजोर मत समझो;
भगवान को भी जमीं पर लाने का सहारा होते है.
दूरियां प्यार का एहसास कराती हैं,हो सकता है.
पर नजदीकियों से प्यार बढ़ता है,जरूरी तो नहीं.
जब तक इजहारे प्यार ना करो मेरे दोस्त,
नजदीकियां भी जीना दुश्वार करती हैं.
कभी-कभी मांगने में भी अच्छा लगता है;
मिलने पर वो कितना प्यारा लगता है.
गम के बीच ही खुशियों की एहमियत होती है.
खुशियाँ ही खुशियाँ हो तो वो भी बड़ी परेशान करती हैं.
हमने हमेशा दिल से काम लिया,
इसीलिए लोगों ने बड़ा परेशान किया.
हमने भी है ठाना की ज़माने को हराएँगे,
हम तो सिर्फ दिल से ही इन्हें अपना बनाएँगे.
प्यार सूरत नहीं,दिलों के मिलन का है नाम.
ये सूरत ही है,जिसने प्यार को किया कई बार बदनाम.
हो सके तो दिल की नजर से सूरत को देखो;
कभी सूरत पर अपना दिल मत दे बैठो.
हिम्मत उस बला का नाम है,
जो तूफानों को भी चीर देती है.
अगर हिम्मत है मेरे दोस्त ,
तो हम तो बचेंगे ही,
पर तिनका भी ना डूबने पायेगा.
आसमाँ के नीचे की जिंदगियों से ही तो ज़माना चलता है.
उनके खून की गर्मी से ही तो ए सी का असर पहुचता है.
एहसान मानो इन जिंदगियों का,
इन्ही के बूते तो भगवान भी जमीं पर रहता है.
"हो सके तो दिल की नजर से सूरत को देखो;
ReplyDeleteकभी सूरत पर अपना दिल मत दे बैठो..."
खूबसूरत पंक्तियाँ...
बस इसी तरह लिखते रहो...
दिन प्रतिदिन चीनी से गुड़ होते जा रहे हो...
thank u bhaiya ji. bas aise hi complements dete rahiye.
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